Pearl S. Buck

Pearl S. Buck

जन्म : 26 जून, 1892 को हिल्सबोरो, वेस्ट वर्जीनिया।

1895 में अपने मिशनरी माता-पिता के साथ चीन-प्रवास। बचपन वहीँ बीता। चीनी भाषा पहले सीखी, उसके बाद अपनी माँ और अध्यापक से अंग्रेज़ी का ज्ञान प्राप्त किया। 1910 में अमेरिका वापसी और 1914 में रैडोल्फ-मैकन विमेन्स कॉलेज से डिग्री प्राप्त की। इसके उपरान्त पुनः चीन वापस आकर विवाह किया। कुछ समय तक नानकिंग विश्वविद्यालय में अंग्रेज़ी साहित्य का अध्यापन। इसी समय एक बच्चे को गोद भी लिया। 1926 में स्नातकोत्तर पढ़ाई के लिए अमेरिका आई और कार्नेल विश्वविद्यालय से डिग्री ली।

बक का लेखकीय जीवन 1930 में उनकी पहली पुस्तक ‘ईस्ट विंड : वेस्ट विंड’ से शुरू हुआ। 1931 में उनका सर्वश्रेष्ठ उपन्यास ‘द गुड अर्थ’ प्रकाशित हुआ। इसी पर उन्हें ‘पुलित्जर पुरस्कार’ मिला और वे इस पुरस्कार को पानेवाली पहली महिला बनीं। 1935 में ‘विलियम डीन हावेल्स मेडल’ मिला। 1934 में राजनीतिक कारणों से उन्हें चीन आना पड़ा। इसी दौरान तलाक़, पुनर्विवाह और 6 अन्य बच्चों को गोद लिया। 1938 में आपको साहित्य के लिए ‘नोबेल पुरस्कार से सम्मानित’ किया गया। इसके पूर्व वे अपने माता-पिता की जीवनियाँ ‘द एक्साइल’ और ‘द फ़ाइटिंग एंजेल’ लिख चुकी थीं।

सौ से अधिक साहित्य कृत्यों की रचयिता पर्ल एस. बक ने 1949 में संकर नस्ल, विशेषकर अमेरिकी-एशियाई मूल के बच्चों के लिए, अपनी तरह की पहली संस्था ‘वेलकम हाउस इंक’ की स्थापना की।

निधन : 6 मार्च, 1973

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